घमंड न करना जिंदगी में तकदीर बदलती रहती है

घमंड न करना जिंदगी में तकदीर बदलती रहती है, शीशा वही रहता है तस्वीर बदलती रहती है।

 एक छोटी सी कहानी

एक बार एक गांव में एक व्यक्ति  आया और उसने आकर के गांव वालों को एक स्कीम बताएं उनके गांव में ना बड़ी सारे बंदर थे तो उसने गांव वालों को इकट्ठा किया और कहा कि आप लोगों के लिए एक नई स्कीम लेकर के आया हूं  आपने एक काम करना है आप जाइए आपके गांव में जितने सारे बंदर हैं वह पकड़ कर लाइए हर बंदर पर आपको ₹100 मिलेंगे

गांव वाली खेती करने में लगे हुए थे लेकिन जब उन्होंने नई स्कीम के बारे में सुना तो बंदर पकड़ने के काम में लग गए  गांव वाले रोजाना जाते बंदर पकड़कर लाते कोई बंदा 10 पकड़ लेता कोई 12 पकड़ लेता कोई 4 तो कोई 6 पकड़ लेता कुल मिलाकर के उनका यह बिजनेस चल निकला गांव वाले लोग बंदर पकड़कर लाते और वह बंदा उन्हें ₹100 देता और पिंजरे में बंदरों को बंद कर लेता है गांव वालों ने कभी पूछने की कोशिश भी नहीं की  कि भैया आप इस बंदर का करोगे क्या उसके बाद हुआ यह कि धीरे-धीरे गांव में बंदर खत्म होने लगे कम पड़ने लगे

 अब इस बंदे को भी लगा जो इन्वेस्टर आया हुआ था इस बंदे ने कहा अब तो चक्कर पड़ गया गांव वाली इस काम में लग नहीं रहे कुछ काम वालों ने तो यह काम ही छोड़ दिया था तो खेती-बाड़ी में लग गए अब इस इन्वेंटर ने गांव वालों को एक नई स्कीम दी उसने कहा कि अबकी बार अगर आप बंदर पकड़कर लाएंगे तो आपको ₹200 दिए जाएंगे गांव वाले अब गांव के बाहर जाने लगे बंदर पकड़कर लाने लगे कुछ गांव वाले तो यह काम छोड़ चुके थे और कुछ काम वाले की काम कर रहे थे दो ₹200 उन  मिलते गए वह बंदर पकड़कर लाते गए आस-पास के गांव से भी इन्होंने बंदर खत्म कर दिया अब ये जो इन्वेस्टर आया था जिसने कहा था कि अब जो है आपको बंदर पकड़ कर लाना है मैं आपको ₹500 दूंगा

 गांव की सारे लोग ने मीटिंग किया  डिसाइड किया कि अब क्या किया जाए यह बंदा तो पैसे बढ़ाते जा रहा है लेकिन बंदर तो है ही नहीं हम कहां से पकड़ कर लाए अब हम जंगलों में थोड़ी ना जाएंगे तो गांव वालों ने डिसाइड किया कि अब हम इस काम को छोड़ देते हैं अपने खेती-बाड़ी में लग जाते हैं अपने काम में लग जाएंगे जो काम हम कर रहे थे उसी में पैसा हमें अब मिलेगा अब इस बंदे के लिए जो शहर से इन्वेस्टर आया हुआ था अब इसे चिंता हो गई कि अब क्या किया जाए गांव वाले जो है बंदर पकड़ने का काम बंद कर चुके हैं

तो यह कुछ टाइम के लिए गांव से शहर चला गया गांव वाली  जो थे अपने-अपने काम में लग गए खेतीबाड़ी करते रहे एक दिन फिर से यह इन्वेस्टर शहर से गांव आया और अपने साथ एक बंदा लेकर आया अबकी बार  इसने गांव वाले को फिर से इकट्ठा किया इसने कहा कि अबकी बार आपके लिए एक नई स्कीम लेकर आया हूं अगर आपको बंदर पकड़ कर लाएंगे तो आपको दोगुना  एक बंदर के हजारों पर आपको मिलेंगे गांव वाले सोचे बंदा ये पागल बना रहे कोई बात नहीं है अपने खेती वाली करो मस्त रहो गांव के मुखिया ने गांव वाले को समझाया लेकिन कुछ गांव वाले कह रहे थे नहीं सब बात में दम तो है हजार रुपए मिल रहा है


यह जो इन्वेस्टर था रात में चला गया उस मैनेजर को छोड़कर उसके बाद फिर से उस गांव वालों की मीटिंग की इस मैनेजर ने और गांव वालों से कहा कि देखो हमारे  साहब तो चले गए हैं अब गांव में बंदर है नहीं मुझे भी पता है आस-पास के गांव में भी बंदर नहीं है आपको भी पता है अब एक काम करते हैं जो पिंजरे में हमारे बंदर बंद है उनको आप ₹500 में खरीद लो और हम आपको हजार रुपए देंगे गांव वालों ने पूरी रात सोचा मीटिंग की डिसाइड किया कि अब क्या किया जाए क्या हम इस चक्कर में पड़े ना पड़े लेकिन कुछ गांव वालों ने कहा कि नहीं नहीं नहीं अब की बार हम विश्वास कर लेते हैं सारे गांव वालों ने जितना खेतीवाड़ी का पैसा इकट्ठा हुआ था सारा का सारा पैसा इस मैनेजर को दे दिया बंदर पिंजरे से निकले पांच ₹500 इन्होंने दे दिए वो मैनेजर रात में फिर से शहर चला गया अब इस गांव में सिर्फ बंदर ही बंदर है और कुछ लोग है जिसके पास पैसा नहीं है 

इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि

 एक छोटी सी कहानी बहुत मजेदार कहानी है

कि जिंदगी में कभी भी सक्सेस का कोई शॉर्टकट नहीं होता हम में से कई सारे लोग स्कीम के चक्कर में दोस्तों के चक्कर में अपने करियर को बर्बाद कर लेते हैं इसलिए ध्यान सिर्फ हार्ड वर्क ही हमारी सक्सेस का शॉर्टकट है इसके अलावा कुछ नहीं है 

। धन्यवाद।


यदि आपको हमारी यह पोस्ट अच्छी लगी तो इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और हमारे अन्य पोस्ट जरूर पढ़ें।


RELATED ARTICLES